US ने लोकतंत्र पर चर्चा के लिए ताइवान को बुलाया तो भड़का चीन, दे डाली ये धमकी

US ने लोकतंत्र पर चर्चा के लिए ताइवान को बुलाया तो भड़का चीन, दे डाली ये धमकी


बीजिंग. समिट फॉर डेमोक्रेसी (Summit for Democracy) इवेंट में अमेरिका (US-China Relation) ने कई देशों को बुलाया है. लेकिन रूस, पाकिस्तान (Pakistan) और चीन जैसे देशों को बाहर रखा है. इस समिट में अमेरिका ने ताइवान को भी बुलाया है. ताइवान (China-Taiwan Border Conflict) ने जो बाइडन (Joe Biden) सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. लेकिन, अमेरिका के इस कदम से चीन एक बार फिर भड़क गया है. चीन ने कहा है कि ताइपे को ग्लोबल मंच देने से अमेरिका को चोट पहुंचेगी. चीन ने इस आयोजन का मकसद अमेरिकी जियोपॉलिटिकल गेम (Geopolitical Game) को आगे बढ़ाना बताया है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि चीन ताइवान को लोकतंत्र के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ताइवान के निमंत्रण का कड़ा विरोध करता है. दुनिया में सिर्फ एक चीन है और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र कानूनी सरकार है.

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झाओ ने आगे कहा कि ताइवान चीन का एक अविभाज्य हिस्सा है और वन चाइना पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय संबंधों का एक व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त मानदंड है. ताइवान को चीन का हिस्सा होने के अलावा अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय दर्जा नहीं है. हम गंभीरता से अमेरिका से वन चाइना पॉलिसी का पालन करने का आग्रह करते हैं.

ताइवान मसले से दूर रहे अमेरिका
उन्होंने अमेरिका को लताड़ते हुए कहा है कि अमेरिका को ताइवान स्वतंत्रता बलों के लिए एक मंच प्रदान करना बंद करना चाहिए. उन्हें प्रोत्साहित करना बंद करना चाहिए. उन्हें मंच देना सिर्फ अमेरिका को नुकसान करता है और उसे एक मुश्किल स्थिति में डालता है. आग से खेलने वाले ताइवान स्वतंत्रता-समर्थक ताकतें केवल खुद को जला रही हैं.

अमेरिका को चीन की नसीहत
चीन ने डेमोक्रेसी समिट पर भी हमला बोला है. झाओ ने कहा कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे बैठक का मकसद दुनिया को बांटना है. लोकतंत्र मानवता का एक सामान्य मूल्य है. यह कुछ देशों का पेटेंट नहीं है. लोकतंत्र के नाम पर अमेरिका गुटबाजी और टकराव की राजनीति कर रहा है. यह शीत युद्ध की मानसिकता के दोहराव जैसा है. दुनिया में निष्पक्ष विचार रखने वाले लोग इस पर सवाल उठाते हैं और इसका विरोध करते हैं.

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ताइवान ने किया अमेरिका का स्वागत
हालांकि ताइवान ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ताइवान को आमंत्रित करने के लिए जो बाइडेन सरकार का शुक्रिया कहा है. ताइवान विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ताइवान के डिजिटल मंत्री इस कार्यक्रम में भाग लेंगे. एक ट्वीट में ताइवान ने अमेरिका के साथ को लेकर कहा है कि हम एक साथ मजबूत हैं. (एजेंसी इनपुट के साथ)