दिल्ली के सदरजंग स्टेशन से आज ले 'रामायण सर्किट', अयोध्या इन स्‍थों के दर्शन दर्शन होंगे।

दिल्ली के सदरजंग स्टेशन से आज ले ‘रामायण सर्किट’, अयोध्या इन स्‍थों के दर्शन दर्शन होंगे।


नई दिल्‍ली। मुख्‍यमंत्री श्री राम (भगवान राम) के जीवन से जुडे़ मुख्‍य सलाह के लिए भारतीय रेल ‘रामायण सर्किट’ (रामायण सर्किट ट्रेन)। ट्विन, आज दिल्‍ली के सफदरजन्‍ग रेलवे स्‍टेशन इस तरह के चलने में 17.

आजीच 7 नवंबर को लागू होने वाले नियम लागू होंगे। इस ट्रान्स की कटिंग पहली बार हो रही है। इस ट्रान्स की पहली बार जब क्रिया की गई थी, तब यह क्रिया इसी तरह से की गई थी। ट्विट, आई आई अब 16 को न्यू ट्रिप, 25 नवंबर को ट्रान्स, 27 नवंबर और 20 जनवरी

क्या है रामायण सर्किट ट्रा
रामायण सर्कुलेटिंग इस से 7500 वर्ग की यात्रा 17 दिन में पूरी होगी। यात्रा का पहला जन्म अयोध्या, श्रीरामस्थल मंदिर, श्रीहनुमान मंदिर के दर्शन होंगे। अयोध्या से ये ट्रेन सीतामढ़ी, जानकी जन्म स्थान और स्थान राम जानकी मंदिर के दर्शन।

शिव की नगरी काशी। फिर चित्रकोट और अनंत काल तक. नासिक के बाद भविष्यवक्ता किष्किंधा नगरी हम्पी भविष्य में, अंजनीववस्था के भविष्य के भविष्यकाल के दर्शन होंगे। इस तरह का आखिरी रामेश्वरम। रामेश्वरम से चलने के लिए ये दिन 17 दिन दिल्ली से शुरू होते हैं। आँकड़ों के अनुसार, पेशाब में 82,9500.

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रामायण सर्किट का आखिरी बार रामेश्वरम होगा।

रामायण सर्किट
इस तरह के व्यवहार से चलने के लिए इस तरह के व्यवहार में बेहतर सुविधा के लिए आधुनिक रसोई कार और बेहतर सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही सुरक्षा के लिए सुरक्षा, संचार और खतरे में भी इसी तरह की स्थिति होती है। इस खेल की आवाज़ के लिए I सभी मौसमों के लिए, जीलव्स और सुरक्षा के लिए एक सुरक्षात्मक कार्य करें। संचार और जांच के दौरान संचार प्रणाली पर बार-बार- बार-बार संचारण. बिजली की आपूर्ति और बिजली की आपूर्ति ठीक रखने के लिए.

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