शायरी: 'पौधे चुनने और उन्हें याद रखें', शायरों का वृत्तांत-बयां और कीड़े की... - Hindi News; Latest Hindi News, Breaking Hindi News Live, Hindi Samachar (हिंदी समाचार), Hindi News Paper Today - Ujjwalprakash Latest News
शायरी: ‘पौधे चुनने और उन्हें याद रखें’, शायरों का वृत्तांत-बयां और कीड़े की…

शायरी: ‘पौधे चुनने और उन्हें याद रखें’, शायरों का वृत्तांत-बयां और कीड़े की…


शायरी: शायरी की हरकतें करने वाला या महब से लेकर बकबक गूफ्तगू। मूवी इश्क़ की तरह है और दर्द भी करता है। शेरो-सुख़न (शायरी) की इस दुनिया में जहां इश्क़ो-मुहब्बत (प्यार) से लब जज़्बत (इमोशन) मिइलते, टाइम मौसम का अपना मूल दिलकश विकसित किया गया है। गलत मूवी भी है, तो गलत बात भी है। . आज शायरों के ऐसे ही अमीती कलाम से चंदशर पेश हैं। शायरों के जैसे अशराब की बात बदले में मन की बगावत का हो। आप भी बेशकीमती अशर का लुत्फ़ उठाएँ…

वो तो ख़ुशबू में बिठल
मसाअला फूल का फूल किधर
परवीन शकीरी

फूल गुल शम ओ क़मर ही
परम्‍पर्व विजेता तुम्हीं भाए
मेरी तक

ये भी आगे – शायरी: ‘ यह भी देखा गया है’

मुझे ऐसा नहीं लगता था कि वह गुलाब की दुकान
वो गुलाब था जो गुलाब था
अफ़ज़ल इलाहाबादी

हमी से आगे की देखभाल के लिए
बगर्ड को मास्क करेंगें ️️️️️️️️️️
बिस्मिल सईदी

कांटों से बेहतर है
बगीचे की सयात से
शकील बदायूंनी

कांटों से दिलो जो ता-उम्र साथ में हों
फूलों
अख़्तर शीरानी

मैं फूल चुनती हूं और उन्हें देखता हूं
वो शख़्स आ के मेरे शहर से चला भी गया
परवीन शकीरी

आज भी सही सलामत रखें ️️️️️️️️️️
टिट्लियां मंडलाएं कल्चर के गुल-दान पर
शकेब जलाली

ये भी आगे – ‘जिस क्राइस्ट का मूल्य निर्धारण दूं’, शायरों के कला के कुछ रंग और…

गुल को खाने के लिए लो ख़ुद
मुझे
नज़ीर अकबराबादी

बहुत तेज गुस्सा आने वाले मौसम में
उस के लिए फूल भी आ रहा है
सगर आज़मी

(साभार / तर्ज़ता)

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