India is now becoming an exporter country in the defense sector, not an importer: Rajnath

आयातक नहीं रक्षा क्षेत्र में अब निर्यातक देश बन रहा भारत: राजनाथ


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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जल्द ही भारत में रक्षा जरूरतों का 90 फीसदी सामान मेक इन इंडिया होगा। अभी भी रक्षा जरूरतों का 65 फीसदी सामान भारत से खरीद रहे हैं। 70 देशों में रक्षा उपकरण निर्यात कर रहे हैं। बोले कि भारत का 2024-25 तक 35 हजार करोड़ रक्षा निर्यात का लक्ष्य है।
रक्षा क्षेत्र में भारत की लगातार प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के मिशन को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय मिशन मोड में काम कर रहा है। एक समय था, जब भारत रक्षा क्षेत्र का 65 से 70 फीसदी सामान बाहर से आयात करता था। अब परिस्थिति ठीक उलट है। भारत की पहचान आयात की बजाए निर्यातकों में हो रही है। ये बदलते भारत की तस्वीर है। राजनाथ बोले कि राष्ट्र रक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने तय किया है कि सैन्य शक्ति में महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ेगी। एनडीए में महिलाओं की भर्ती शुरू होगी। रक्षा संकल्प को मजबूती देने के लिए कई काम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश को चुना गया है। प्रदेश में रक्षा प्रौद्योगिकी एवं परीक्षण केंद्र खोलने की तैयारी है। साथ ही स्टार्ट अप को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सैनिक स्कूलों में 50 फीसदी को स्कॉलरशिप मिलेगी
रक्षामंत्री ने कहा कि जल्द ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सौ नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। 50 फीसदी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। निजी संस्थान, एनजीओ के साथ मिलकर देश में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित करेंगे। दो साल में स्कूल पूरे होंगे। देश की बेटियां भी इन स्कूलों में पढ़ेंगी और देश को नई ऊर्जा और नई दिशा देंगी। ये मिशन सेना में अफसर बनने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स को सिमुलेटर के जरिए आधुनिक प्रशिक्षण देकर और साहसी बनाएंगे।
26275 शूरवीरों के बारे में जान सकेंगे
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक की डिजिटल तकनीकी की लांच हुई है। इसके जरिए 26275 शूरवीरों के बारे में जाना जा सकता है। किसी भी कोने से वर्चुअल दर्शन कर सकते हैं। रानी की पवित्र कमभूमि से इसका लोकार्पण किया गया है, जो कि बहुत महत्वपूर्ण बात है। भाजपा का वादा है कि किसी की भी शहादत, योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दौरान उन्होंने ‘सौगंध हमें इस मिट्टी की, हम देश नहीं झुकने देंगे’ कविता की पंक्तियां भी पढ़ीं।
रानी लक्ष्मीबाई, गुरुनानक देव को किया याद
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और गुरुनानक देव को भी याद किया। बोले कि रानी की वीरता की कहानियां देश में सुनी और सुनाई जाती हैं। कहा कि गुरुनानक देव ने आडंबर और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई। महिला-पुरुष के बीच भेदभाव मिटाने की सीख दी। रक्षामंत्री ने प्रकाश पर्व की बधाई भी दी।

झांसी। रानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जल्द ही भारत में रक्षा जरूरतों का 90 फीसदी सामान मेक इन इंडिया होगा। अभी भी रक्षा जरूरतों का 65 फीसदी सामान भारत से खरीद रहे हैं। 70 देशों में रक्षा उपकरण निर्यात कर रहे हैं। बोले कि भारत का 2024-25 तक 35 हजार करोड़ रक्षा निर्यात का लक्ष्य है।

रक्षा क्षेत्र में भारत की लगातार प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के मिशन को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय मिशन मोड में काम कर रहा है। एक समय था, जब भारत रक्षा क्षेत्र का 65 से 70 फीसदी सामान बाहर से आयात करता था। अब परिस्थिति ठीक उलट है। भारत की पहचान आयात की बजाए निर्यातकों में हो रही है। ये बदलते भारत की तस्वीर है। राजनाथ बोले कि राष्ट्र रक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने तय किया है कि सैन्य शक्ति में महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ेगी। एनडीए में महिलाओं की भर्ती शुरू होगी। रक्षा संकल्प को मजबूती देने के लिए कई काम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश को चुना गया है। प्रदेश में रक्षा प्रौद्योगिकी एवं परीक्षण केंद्र खोलने की तैयारी है। साथ ही स्टार्ट अप को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सैनिक स्कूलों में 50 फीसदी को स्कॉलरशिप मिलेगी

रक्षामंत्री ने कहा कि जल्द ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सौ नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। 50 फीसदी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। निजी संस्थान, एनजीओ के साथ मिलकर देश में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित करेंगे। दो साल में स्कूल पूरे होंगे। देश की बेटियां भी इन स्कूलों में पढ़ेंगी और देश को नई ऊर्जा और नई दिशा देंगी। ये मिशन सेना में अफसर बनने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स को सिमुलेटर के जरिए आधुनिक प्रशिक्षण देकर और साहसी बनाएंगे।

26275 शूरवीरों के बारे में जान सकेंगे

रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय समर स्मारक की डिजिटल तकनीकी की लांच हुई है। इसके जरिए 26275 शूरवीरों के बारे में जाना जा सकता है। किसी भी कोने से वर्चुअल दर्शन कर सकते हैं। रानी की पवित्र कमभूमि से इसका लोकार्पण किया गया है, जो कि बहुत महत्वपूर्ण बात है। भाजपा का वादा है कि किसी की भी शहादत, योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दौरान उन्होंने ‘सौगंध हमें इस मिट्टी की, हम देश नहीं झुकने देंगे’ कविता की पंक्तियां भी पढ़ीं।

रानी लक्ष्मीबाई, गुरुनानक देव को किया याद

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और गुरुनानक देव को भी याद किया। बोले कि रानी की वीरता की कहानियां देश में सुनी और सुनाई जाती हैं। कहा कि गुरुनानक देव ने आडंबर और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई। महिला-पुरुष के बीच भेदभाव मिटाने की सीख दी। रक्षामंत्री ने प्रकाश पर्व की बधाई भी दी।