मानवता की मिसाल: 35 साल से लावारिस शवों के लिए कफन दे रही हैं 75 वर्षीय अम्मा - Hindi News; Latest Hindi News, Breaking Hindi News Live, Hindi Samachar (हिंदी समाचार), Hindi News Paper Today - Ujjwalprakash Latest News
मानवता की मिसाल: 35 साल से लावारिस शवों के लिए कफन दे रही हैं 75 वर्षीय अम्मा

मानवता की मिसाल: 35 साल से लावारिस शवों के लिए कफन दे रही हैं 75 वर्षीय अम्मा


बिलाैसपुर में सिम्स मंदिर की अम्मा कफन का गणित हैं।

बिलाैसपुर में सिम्स मंदिर की अम्मा कफन का गणित हैं।

मानव की बिला बिला (छ.ग.) के बिलासपुर (बिलासपुर) सिम्सव की पुजारन कृष्णा अम्मा। सिम कभी सिम्स के मारचुरी में लाव्रीस रौशन की चिंता, कृष्णा अम्मा है न।

बिलासपुर. मानव की बिला बिला (छ.ग.) के बिलासपुर (बिलासपुर) सिम्सव की पुजारन कृष्णा अम्मा। सिम कभी सिम्स के मारचुरी में लाव्रीस टर्ट है नहीं जी हां कृष्णा अम्मा को यूं ही मानव की यह कहा जाता है। 75 बूढी महिला शीतला माता मंदिर की पुजारन कृष्णा अमामाँ 35 वर्ष से लावारिस में काम आती हैं। ்் ்் ி் ்் ்்ி் ்் ்்ி் ்்ி் ்்ி்்.

75 शीतला माता मंदिर की पुजारन कृष्णा अम्मा को प्यार से मैं भी हूं। यह बिल बिलासपुर सिम्स के पास है। 35 साल पूर्व इस्‍लासोर के मंदिर में रखा गया था। मंदिर के अंदर एक छोटा सा छोटा परिवार है, जहां रहने वाले व्यक्ति और परिवार के बच्चे ऐसे घर में रहते हैं। इस समय घटना में क्लोदिंग के बाद कपड़े थे। त्वचा की रक्षा के लिए ठीक उसी समय देखभाल करने के लिए पेश किया जाता है। पेसर ने घर से एक कपड़ा निकालकर खुद को लावासित पर डेटा किया। उस दिन से पेसर और उनकी पत्नी ने इस कार्य को अपना धर्म और कर्म मान लिया। पेस्टरलाल के देहांत के बाद कृष्णा ने इस काम को करने के लिए बीड़ा और आजतक काम किया।

माता के टीवी में जीवन

कृष्णा आमा का जीवन छोटे से घर और माता के मे मे हमेशा रहता है। धर्म में माता की पूजा के बाद अम्मा की बूढी अम्मा न लावासीस को कॉफ़िनट्स, अलाइन वह गौ सेवा, कोम और अन्य मानव सेवा भी हैं। अमामा के पसंद के मुताबिक ये नहीं हैं। असाधारण पर अमामा-सम्बन्धी सहायता के लिए। जीवन जीने के लिए ये जीवन हैं।, शरीर का भी सम्मान करें। सिम्स में संतुलन ठीक रहता है। ट्विट सिविल लाईट नाना के सुसंक्रांति स्वर्णकार भी अमामा इस कार्य को मानव के थान के हैं।




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