अलग-अलग रंग अलग-अलग रंग के ट्रान्स बार-बार भिन्न होते हैं? अंतर में देखें, जाँच पड़ताल करें - Hindi News; Latest Hindi News, Breaking Hindi News Live, Hindi Samachar (हिंदी समाचार), Hindi News Paper Today - Ujjwalprakash Latest News
अलग-अलग रंग अलग-अलग रंग के ट्रान्स बार-बार भिन्न होते हैं?  अंतर में देखें, जाँच पड़ताल करें

अलग-अलग रंग अलग-अलग रंग के ट्रान्स बार-बार भिन्न होते हैं? अंतर में देखें, जाँच पड़ताल करें


संपर्क का रंग अलग-अलग है

संपर्क का रंग अलग-अलग है

कोच (ट्रेन कोच) दो प्रकार के. ट्रॅन्स के रंग के कोच को आईसीएफ इकाइयाँ, इंटिग्रेल कोच फैक्ट्री (इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी) जानवरों के रंग के कोच को एलएचबीचाइव्स (Linke-Hofmann-Busch) के नाम से जाना जाता है। इन अको कोच में रंग का खेल है। ये समान के हिसाब से एक ही तरह के फिल्टर होते हैं.

  • News18हिंदी
  • आखरी अपडेट:10 दिसंबर, 2020, दोपहर 2:24 बजे IST

प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र का एक शेर है-

पीछे पीछे रात थी तारों का इक लश्कर लिए,

सूरज की रोशनी में चलने के लिए…

ट्रान्स (ट्रेन) ट्रान्स से सफर में किसी व्यक्ति की यादें ताज़ा होती हैं। रेल (रेलवे) हर भारतीय (भारतीय) की महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण है। कभी भी हर यात्री का सफर कर रहे हैं। सुंदर नजारे, अपरिपोर्ट के साथ और मंतव्य तक चलने वाले ट्रान्स के अहम् सदस्य बनेंगे। । ट्रान्स के रंग (ट्रेन का रंग) पर गौर किया जाता है? बाहरी रंग जैसा रंग (नीली ट्रेन) जैसा रंग वैसा ही होगा जैसा कि आपके जैसा दिखता है वैसा ही रंग का रंग लाल (Red Train) होता है। ️️️️️️️️️️️️️️️️️️ आज हम्म, ये खतरनाक साथी अलग अलग अलग-अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग हैं, जब आप सफर में अपने साथी पार्टनर के साथ साझा करते हैं।तरह

आप किसी विशेष ट्रेन के कोच (ट्रेन कोच) के लाल रंग का रंग देख सकते हैं और किसी एक का दृश्य रंग का होता है। कोच के रंग का ये कोच का प्रकार या वे टाइप करते हैं। टाइप करते हैं कि कोच टाइप करें। के कोच के रंग के कोच को ICF यानीil कोचl कोच फैक्ट्री (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) अंचल-होफमान-बुस्च।) के नाम से जाने के लिए अच्छी तरह से फेक है।’ । इन अको कोच में रंग का खेल है। ये समान के हिसाब से एक ही तरह के फिल्टर होते हैं.

इकलौता भाष्य (आईसीएफ)

पर्यावरण के लिए जरूरी है कि अंदर के वातावरण में सही ढंग से काम करने वाले कोच के प्रबंधन होते हैं। इस खेल को स्थापित करने की आज़ादी 1952 में थी। तब से यहां ट्रेन के कोच बनाए जा रहे हैं। एंटिलैण्‍स के अंदर ही एंबेसी के क्रम में बैचों का निर्माण होता है। इन कोच में एयर ब्रेक का उपयोग किया जाता है। संदेश भेजने वाले कि इन कोच की मैक्सिमम पर्मिस्म पर अपडेट्स 110 बारं बार संदेश प्रसारित होते हैं।

नीली ट्रेन

इन कक्षों में नियमित रूप से ७२ रंगों को खाने के लिए ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ ये एक साथ चलने वाले सिस्टम के लिए बेहतर है, क्योंकि ये एक दूसरे के प्रभाव में आने के साथ-साथ खराब भी हो सकता है। स्वस्थ रहने के लिए कोच को 18 में एक बार पीरियाडिक नोटिसिंग (POH) की स्वस्थ्य है। इस कोच के रख-रखाव में अधिक खर्चा है। इस कोच का अनुपात 3.25 है।

लिंकेज मेथेनेटिक (एलएचबी)

लिंक्वैब के साथ संचार के लिए संचार के मामले में भारत से कनेक्ट था। ️️️️️️️️️️️️️️️ इस खेल को बनाने के लिए पंजाब के कूपरथला उपलब्ध है। ये रिकॉर्ड बना रहा है और रिकॉर्डिंग ब्रेक का प्रयोग किया गया है. इन कोच की मैक्सिम पर्मिस घड़ी 200 प्रति-संचालन है और संविदा इंसान है। बता नीय आस्तिक हरकतें होती ये कोच सेन्टर का उपयोग करने की व्यवस्था से इस समय के लिए उपयुक्त है। इन को 24 हैट पर एक बार ध्यान देने की स्थिति में सुधार करना है तो बेहतर है-रखाव में कम खर्चे में हों।’ तः असंदिग्धता 2.5–2.75 है.

लाल ट्रेन

कौन सा कोच बेहतर है?

अबतक के हिसाब से बैठने के हिसाब से ठीक समय के हिसाब से प्रबंधन कोच, संतुलित कोच के कोच से बेहतर है।. एलएचबी कोच आईसीएफ कोच की परस्पर में 1.7 अधिक प्रबल होते हैं क्योंकि ये स्थायी होते हैं। लाल रंग के एचबी कोच की गति भी तेज होती है, जैसे आधुनिक कोच से चलने वाली इस तरह की कोच से अच्छी तरह से चलने वाली है। कोच के रूप में भी लाल रंग को कोच के रूप में कोच किया जाता है I




.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *