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फैसला आज पटियाना का कैप्टन कौन: मेयर को लेकर कैप्टन-ब्रह्म गुट आमने सामने, नगर निगम में मेयर को लेकर आज है बैठक


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39 मिनट पहले

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पटियाला की सियासत में आज कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री ब्रह्म महिंद्रा की शाख दाव पर लगी हुई है, नगर निगम के मेयर के जरिए आज पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और ब्रह्म महिंद्रा की ताकत का आज इमतिहान है। निगम हाउस की तरफ से मेयर संजीव शर्मा बिट्टू के खिलाफ भरोसगी प्रस्ताव लाया गया है, जिसे लेकर हाउस की बैठक बुलाई गई है। इसके अब संजीव शर्मा बिट्टू को हाउस में बहुमत साबित करना है। जिसके लिए कैबिनेट मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री का पूरा जोर लगा हुआ है। क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला से ही चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं तो अगर मेयर बदले जाते हैं तो यह चुनाव से पहले उनको पहला बड़ा झटका रहेगा। जिसे बचाने के लिए शाही परिवार पूरे जोर शोर से लगा हुआ है। महारानी प्रनीत कौर इसके लिए पूरी तरह से जोर लगाए गए हुए हैं और उनकी तरफ से पार्षदों के साथ ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर किया गया है।
साथ साथ थे ब्रह्म महिंद्रा और कैप्टन अब रास्ते अलग हुए
कैप्टन अमरिंदर सिंह वह कैबिनेट मंत्री ब्रह्म महिंद्रा कभी साथ साथ थे, ब्रह्म महिंद्रा के पास कैप्टन की वजारत में अहम मंत्रालय रहे हैं और वह एक दूसरे का हमेशा साथ देते नजर आए हैं। जब नवजोत सिंह सिद्दू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लगाया गया तो ब्रह्म महिंद्रा ने उनसे मिलने से साफ मना कर दिया था और कहा था कि पहले सिद्धू को कैप्टन से माफी मांगनी होगी तभी वह उनसे मिल सकते हैं। इसके बाद जैसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथ से मुख्यमंत्री पद गया तो वह भी पलटी मार गए और चरणजीत सिंह चन्नी खेमे में चले गए। इस लिए अब उनकी और सरकार की शाख भी दाव पर लगी हुई है।

60 पार्षदों वाले हाउस में मेयर को चाहिए 31 पार्षद
पटियाला नगर निगम हाउस में कुल 60 पार्षद हैं और इनमें से किसी को भी मेयर बनने के लिए 31 पार्षदों की जरूरत रहेगी। इस समय मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को अपना पद बचाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। क्योंकि उनके सिपा सलार कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास कुर्सी नहीं है। मगर शाही परिवार के सियासी दबदबे के कारण हो सकता है कि पार्षद उनके पक्ष में वोट कर दें। इसी लिए ही प्रनीत कौर और उनकी बेटी बीबा जयइंद्र कौर इसके लिए पूरा दिन प्रयास करती रही हैं। अगर जरूरत पड़ी तो कैप्टन अमरिंदर सिंह भी वोट कर सकेंगे और यह निर्णायक भी हो सकती है।
इस तरह से होगी वोटिंग
पहला – जनरल हाउस के सभी मेंबर्स को संबोधित करते हुए कहेंगे कि मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है, ऐसे में जो मेयर संजीव शर्मा बिट्टू के पक्ष में हैं वो अपना हाथ खड़ा करेंगे। उसके बाद वो अविश्वास जताने वालों से भी इसी तरह हाथ खड़ा करने को कहेंगे। दोनों बार गिनती के आधार पर पक्ष और विपक्ष का फैसला होगा।
दूसरा – डिविजन कमिश्नर मेयर के पक्ष में और विपक्ष में खड़े कौंसलरों को अलग-अलग खड़ा कर चुनावी प्रक्रिया करा सकते हैं।
तीसरा – वो सभी कौंसलरों को पर्ची पर नाम लिखकर वोटिंग करने को कह सकते हैं।

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