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41 घंटे बाद मिला डाउनडेल से लापता बच्चे का शव: तेंदुए के मारने का जताया जा रहा शक, पाेस्टमार्टम के बाद पता चलेगा कैसे हुई मौत


शिमला5 घंटे पहले

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डाउनडेल के साथ लगते जंगल में पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीम बच्चों को ढूंढ़ती हुई। - Dainik Bhaskar

डाउनडेल के साथ लगते जंगल में पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीम बच्चों को ढूंढ़ती हुई।

दीपावली की रात डाउनडेल से लापत बच्चे का शव 41 घंटे बाद डाउनडेल के साथ लगते जंगल में शत विक्षत हालत में मिला है। बच्चे के सिर और धड़ अलग-अलग मिले हैं, बच्चे के शरीर के अन्य पार्ट भी बुरी से डैमेज किए हैं, ऐसे में अब तेंदुए पर ही शक किया जा रहा है। हालांकि असल स्थिति का पता पाेर्टमार्टम की रिपाेर्ट आने के बाद ही लग पाएगा। फिलहाल पुलिस ने शनिवार काे बच्चे का शव पाेस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इससे पुलिस, वाइल्ड लाइफ विंग और वन विभाग की टीम समेत स्थानीय लाेगाें ने सुबह पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

सर्च टीम में पुलिस डाॅग स्कवॉड काे भी शामिल किया गया था। दाेपहर बाद करीब तीन बजे पुलिस काे कुत्तों की टीम की मदद से डाउनडेल के साथ लगते जंगल में बच्चे के शरीर के कई पार्ट मिले। जिसके बाद दाे दिनाें से चला रहा सर्च अभियान पूरा हुआ। इस बारे एसपी शिमला माेनिका भुटुंगरू का कहना है कि बच्चे के शव विक्षत अंग मिले हैं, जिसे पाेस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बच्चे की माैत किस कारणाें से हुई यह बताना अभी जल्दबाजी हाेगी। पाेस्टमार्टम रिपाेर्ट आने के बाद ही असल स्थिति क्लीयर हाेगी।

डॉग स्क्वॉड ना हाेती ताे शायद नहीं मिलता शव
शनिवार काे सुबह पुलिस के डाॅग स्क्वॉड की मदद भी ली गई। यदि डाॅग स्क्वॉड नहीं हाेती ताे बच्चे का शव मिलना मुश्किल हाे जाता। क्याेंकि डाॅग ने ही बच्चे के शव काे ढूंढा। हालांकि बीते अगस्त में शिमला के कनलाेग में एक तेंदुआ बच्ची काे उठाकर ले गया था। उस दाैरान सुबह पुलिस और वाइल्ड लाइफ विंग ने बच्ची तलाश शुरू की थी, जैसे ही जंगल के अंदर सर्च टीम पहुंची थी, उन्हें खून ही खून चाराें तरफ दिखा था। जबकि, डाउनडेल से गायब हुए बच्चे के मामले में ऐसा कुछ नहीं दिखा।

शव की पहचान करना भी हाे गया मुश्किल
हालांकि बच्चे का शव ताे मिल गया है, मगर यह बच्चा याेगराज ही है, पुलिस जांच में अभी इसकी पहचान हाेना बाकी है। हालांकि 95 फीसदी यह शव याेगराज का ही लग रहा है, मगर बच्चे काे इतनी बुरी तरह से नाेचा गया है कि उसका चेहरा तक नहीं पहचाना जा रहा है। ऐसे में यदि परिजनाें काे थाेड़ा भी शक हाेगा ताे पुलिस डीएनए की मदद की भी ले सकती है। इसके लिए परिजनाें की सहमति पर ही पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी।

ऐसे घर के बाहर से गायब हाे गया था बच्चा
बीते वीरवार देर शाम काे डाउनडेल में दाे बच्चे अपने घर के बाहर फूलझड़ी चला रहे थे, इसी बीच साथ खेल रहा बच्चा अंदर आया और परिवार के लाेगाें काे बताया कि उसके भाई यहां नहीं हैं। घर के लाेगाें काे शक हुआ की उसे तेंदुआउठा ले गया। पुलिस, वाइल्ड लाइफ विंग और फाॅरेस्ट विभाग की टीमाें ने सर्च ऑपरेशन चलाया। शनिवार दाेपहर बाद तीन बजे टीम काे बच्चे का शव ढूंढने में सफलता मिल पाई। उसके बाद दाे दिन से चला सर्च अभियान राेका गया।

कब क्या हुआ

  • वीरवार रात 8.30 के करीब बच्चा गायब हुआ, परिजनाें ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की।
  • पुलिस और वाइल्ड लाइफ विंग काे देरी से सूचना मिली।
  • रात करीब 11 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
  • सुबह पांच बजे पुलिस और वन विभाग की टीमें आसपास के जंगलाें में छानबीन करती रही।
  • शुक्रवार काे दिनभर अभियान चला, लेकिन देर शाम तक बच्चे के पेंट के अलावा कुछ नहीं मिला।
  • रात काे सर्च ऑपरेशन राेक दिया गया है।
  • शनिवार सुबह पांच बजे दाेबारा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ।
  • तीन टीमाें ने अलग-अलग एरिया में सर्च किया।
  • दाेपहर बाद तीन बजे डाॅग स्क्वॉड की टीम काे बच्चे
  • का शव ढूंढने में सफलता मिली।
  • करीब पांच बजे शव काे पाेस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया गया।

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